मोहन सोमलकर

मोहन सोमलकर कवी कवयत्री समुह लिपीनाते जपणारी शब्दांच्या पलीकडली माणसे जोपासती हेची काव्य पुष्प.

मंगळवार, २८ सप्टेंबर, २०२१

भारत का जवान शहिद भगतसिंग

From Sharchat

 ॥ शहिदोके चिताओपर हरबरस लगेंगे मेले॥

॥वतनपर मरमिटेनेवाले का यही बाकी निशाण होगा॥

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तु भारत का लाल 

तु भारत की शान 

मिली आझादी वतन को 

दिया तुने पल पल बलिदान 

उम्र कम थी मगर दिल मे जिन्दादिली थी..!

खुनकी होली खेलकर तुने अंग्रेजोकी शामत लाई थी..!

जितनी सासे तु जिया सिफॅ वतन के लिए नौछावर की..!

तेरे जिने का अंदाज अलग था, भगतसिंग.! 

वो माॅ की कोख भी क्या थी..!

जिसने तुझ जैसा हिरा जन्मा था..!

व्यर्थ ना जाए बलिदान तेरा तु 

हरपल याद आऐगा....!

हरबरस तेरे नामसे लगेगे मेले...!

शहिद भगतसिंग का नाम आदरसे हर जुबापे लिया जाऐगा....!


शहिद भगतसिंग जयंतीपर हर देशवासियोको बधाई...!



मोहन सोमलकर 🙏💥

१३ टिप्पण्या:

  1. महान क्रांतीकारी भगतसिंग जी को कोटी कोटी प्रणाम
    अप्रतिम रचना

    उत्तर द्याहटवा

तुमच्या बहुमोल समिक्षा आम्हास प्रोत्साहन देतात.

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