
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
हे श्याम, मेरे घनश्याम...!
मोहे अपने रंगमे ऐसा रंग दे..!
मै रंग जाऊ, मन मोह जाऊ
तेरे प्यार मे मुझे रंग.दे...!!
ना आये मोहे लाज
पिया पिया कहु तोहे
मोरी चुनर भिगी, मन भिगा
तेरे प्यार मे भिगी मोरी काया....!
बावरी हो कर नाचु मै
जैसे नाचे मोर बनमे !
तु है मेरा चितचोर
बसा हरदम मेरे मनमे..!!
मोहन सोमलकर 🍁🌿🍁🌿🍁
🦚💞🦚💞🦚💞🦚💞🦚💞🦚💞
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हे श्याम, मेरे घनश्याम...!
मोहे अपने रंगमे ऐसा रंग दे..!
मै रंग जाऊ, मन मोह जाऊ
तेरे प्यार मे मुझे रंग.दे...!!
ना आये मोहे लाज
पिया पिया कहु तोहे
मोरी चुनर भिगी, मन भिगा
तेरे प्यार मे भिगी मोरी काया....!
बावरी हो कर नाचु मै
जैसे नाचे मोर बनमे !
तु है मेरा चितचोर
बसा हरदम मेरे मनमे..!!
मोहन सोमलकर 🍁🌿🍁🌿🍁
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अतिशय सुंदर रचना....👌👌👌💐💐💐
उत्तर द्याहटवाखुप खुप धन्यवाद सर
उत्तर द्याहटवामोहनजी...🙏
उत्तर द्याहटवाखूपच छान सुंदर शब्द आणि भाव ,...!
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
WOW...!!
उत्तर द्याहटवासुंदरच अप्रतिम ...!!
साक्षात मुरलीमनोहर ...!!👌
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
आब 🙏