दिलमे आरजु थी, उमंग भी थी....
तु मिलती रहे मुझे ना सही तो ना सही...!
बस एक बार हाल मेरा पुछ लिया करो....!
तुझसे खुब लगाव नही है मगर ,कभी कबार
तेरी याद जरुर आती है .......!
जिन्दा हु तब तलक, मुझे मेरी सासो मे बसी है........!
ये याद तो दे....... दिया करो.....!
मोहन सोमलकर 🧡😊🧡🧡🧡🧡🎈
बहुत खूब सर 👌👌👌
उत्तर द्याहटवाबढिया सर...👍✍️👌🍫🌹
उत्तर द्याहटवाLajwab...✍️👌👌👌
उत्तर द्याहटवाखूप छान 👌🏻👌🏻
उत्तर द्याहटवाबहोत खूब👌👌👌
उत्तर द्याहटवाअतिशय सुंदर रचना दादा ✍️������
उत्तर द्याहटवा