- यादो का मंजर !!
- अंधियारी थी वो मेरे जीवन की रात..!
- कहिसे कुछ उम्मीद की किरण नजर नही आयी.!!
- तेरे साथ बिताया हुआ, वो यादो का मंजर !
- बहोत था,वो यादो के साथ जी रहा था पर!
- ना मुझे अंधरेसे डर लगता, ना अकेलेपनसे
- बस तु साथ रहे साया बनकर, उम्मीद मुझमे
- जगाती रहे..!
- तुम हौसला हो, तुम रास्ता हो जीवन का
- अगणित पाडाव पार करना मुझे...!
- तुम तो मेरे यादो का मंजर हो...!
- मोहन सोमलकर 🌺🌺🥀🌹🥀🌹🥀

अप्रतिम रचना केली सर 👌👌👌👌
उत्तर द्याहटवाखूप खूप सुंदर 👌👌👌👌
उत्तर द्याहटवाअतिशय सुंदर...
उत्तर द्याहटवाधन्यवाद मॅम
उत्तर द्याहटवा