वो मेरे देश का सैनिक है
जिसके दिल मे और ऑखो मे
तिरंगा है..!
चुप्पी साधे वो सिमाप्रहरी
सीमापर खडा है..!
दिलमे और ऑखो मे नफरत नही.!
बंदुक से उसके गोली नही चलती...!
वो ऑखो से और दिलसे चलती है..!
वो मेरे देश का सैनिक है..!
मोहन सोमलकर 🙏
>तपुडा साहित्य मंच आयोजित साहित्य निर्मितीसाठी प्रेरणा व मार्गदर्शन मिळावे करिता लेखन उपक्रम *विषय- विठूची वारी (अभंग) शीर्षक:- माझ...
निसंकोच जो देश की सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को हो तैयार वो सैनिक हैं ।
उत्तर द्याहटवाअप्रतिम रचना सर 🤗🙏
धन्यवाद हषॅ
हटवाशानदार पेशकश 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼
उत्तर द्याहटवाधन्यवाद गणेश दा
हटवाखूप खूप मस्त रचना अप्रतिम सर..🌺🌺🌹🌹👌👌👌❤️
उत्तर द्याहटवाअप्रतिम रचना केली दादा 👌👌 जय हिंद 🙏
उत्तर द्याहटवाKhup chaana rachna....jai Hind...👌👍✍️🍫👍
उत्तर द्याहटवाव्वाऽ ...!!
उत्तर द्याहटवाअप्रतिम ....!!
खूपच छान सूंदरच लिखाण..!👌
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
आबा 🙏.