मोहन सोमलकर

मोहन सोमलकर कवी कवयत्री समुह लिपीनाते जपणारी शब्दांच्या पलीकडली माणसे जोपासती हेची काव्य पुष्प.

सोमवार, २७ सप्टेंबर, २०२१

सैनिक 🙏🌱

 

वो मेरे देश का सैनिक है
जिसके दिल मे और ऑखो मे
तिरंगा है..!
चुप्पी साधे वो सिमाप्रहरी
सीमापर खडा है..!
दिलमे और ऑखो मे नफरत नही.!
बंदुक से उसके गोली नही चलती...!
वो ऑखो से और दिलसे चलती है..!
वो मेरे देश का सैनिक है..!

मोहन सोमलकर 🙏


८ टिप्पण्या:

  1. निसंकोच जो देश की सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को हो तैयार वो सैनिक हैं ।

    अप्रतिम रचना सर 🤗🙏

    उत्तर द्याहटवा
  2. खूप खूप मस्त रचना अप्रतिम सर..🌺🌺🌹🌹👌👌👌❤️

    उत्तर द्याहटवा
  3. व्वाऽ ...!!
    अप्रतिम ....!!
    खूपच छान सूंदरच लिखाण..!👌
    🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
    आबा 🙏.

    उत्तर द्याहटवा

तुमच्या बहुमोल समिक्षा आम्हास प्रोत्साहन देतात.

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